जन्म से ही महात्मा गौतम बुद्ध को समृद्धि के साथ देखा गया। उनके जीवन का कारण सर्व मानवों के लिए कल्याण लाना था। उन्होंने निजी जीवन को छोड़कर संसार में {ज्ञानप्रकाशित करते हुए दुनिया की सेवा करने के लिए समर्पित हो गए। अपना ज्ञान और प्रेम साझा करने में उन्होंने जीवन बिताया। उनके कर्मयोग आज भी
जन्म एवं त्याग का मार्ग
एक राजा के पुत्र मैथिली में में एक शिशु का जन्म हुआ, जिसका नाम " Gautama " रखा गया। उनका बचपन बहुत ही समृद्ध और आरामदायक था, परन्तु युवा Gautama ने जीवन के दुखों को देखा और वे त्याग का रास्ता चुन लिया। उन्होंने अपने परिवार, धन और राज्य को छोड़ दिया और वन में जाकर तत्वों के साथ जुड़ने लगे।